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ज़कात

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शरिया के अनुसार ज़कात इस्लाम के पांच तत्वो मे महत्वपूर्ण स्थान रखता है। प्रत्येक मुस्लिम व्यक्ति को शरिया (इस्लामिक विधि) के अनुसार निसब के बाद एक बटा चालिस भाग ज़कात में प्रत्येक वर्ष देना होता है। निसब प्रत्येक मुस्लिम के पास कम से कम संपत्ति का वो हिस्सा है जो सोने का 87.48 ग्राम या चांदी 612.37 ग्राम बराबर कीमत का हो।

आज भारत वर्ष एक गंभीर बीमारी व आर्थिक स्थिति के दौर में गुजर रहा है और ऐसी स्थिति में एक बडी धनराशि की आवश्यकता इस देश के करोड़ों असहाय लोगों को एक वक्त निवाला देने के लिए है।

किसी राजनीति के बिना यह भी एक निर्विवाद सत्य है कि बरसों तक समुदाय द्धारा प्रत्यक्ष कर अपनी जनसंख्या के अनुपात मे दिये बिना, हज अनुदान, मदरसों को अनुदान, ऋण अन्य लाभ बिना किसी हिचक के लिये गये है ना अपितु इतना बल्कि विदेशों से भी इन मदरसों को अनुदान वर्षों से प्राप्त होता रहा और आज तक किसी भी मुस्लिम सगठनों ने भारत सरकार को किसी बडी मदद या इमदाद देने की घोषणा अभी तक किसी भी रूप मे नहीं की गई है।

मुस्लिम समुदाय का पाक माह रमजान की शुरुआत भी है और निसब के बाद की संपत्ति का 1/40 वाँ भाग ज़कात(दान) के रूप मे शरिया अनुसार देना आवश्यक भी हैं। ऐसी स्थिति में प्रत्येक भारतीय मुस्लिम का यह दायित्व शरिया के अनुसार ही बनता है कि वह ज़कात करें।

यह सुअवसर मुस्लिम समुदाय को इसी बहाने अपना फर्ज देश के प्रति निभाने का प्राप्त हुआ है और यह भी साबित करने का सुयोग है कि ये समुदाय भी जब देश मुसीबत मे हो तो किसी भी आम नागरिक से पीछे नहीं है और ऐसे कठिन समय मे मजबूती के साथ बिना किसी धर्म, मजहब के खडा है।

आज इस गम्भीरता को समझने की आवश्यकता है कि यदि ऐसे कठिन समय में देश व समाज को सहयोग करेंगे तो ना केवल सम्पूर्ण देश की सोच मुस्लिम समुदाय के प्रति बदलेगी बल्कि समुदाय अपने पाक फ़र्ज़ का पालन भी शरिया के अनुसार कर पायेंगे।

ऐसी परिस्थितियों मे सपूर्ण मुस्लिम समुदाय को एक ऐतिहासिक मौका मिला है कि अपने धर्म व शरिया का पालन करते हुये जकात को इस पाक माह रमजान मे सरकार को दिये जाने की घोषणा समुदाय एवम् उलेमाओं द्धारा किया जाना समीचीन होगा।

अतः मेरी सम्पूर्ण मुस्लिम समुदाय से अपील है कि इस मुकदस मौके को हाथ से ना जाने दे और सम्पूर्ण विश्व को बतायें कि मुस्लिम समुदाय वाकई मे इसी भारत वर्ष का मूल निवासी है। पहले हम सब बिना किसी भेदभाव के भारतीय है।

इस वर्ष सभी मुस्लिम समुदाय के लोग, धार्मिक व अन्य सगठन अपनी जकात राशि को भारत सरकार के खाते मे जमा करने का निणर्य देश व समाज हित मे आवश्यक रूप से बिना किसी हिचक लेगें।

जय भारत।
जय हिन्द।

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5 COMMENTS

  1. Sir, your views make perfect sense in this present scenario where our country is under this major attack and we need all the help that can be garnered.

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Prahlad Tandon

Basically I belongs to legal fraternity. For last twenty years I am providing my services to the people of India on behalf of Judiciary. I have done my graduation in commerce and completed my Master’s of Law . Thereafter inducted in Bihar Judicial Services, Later on in Uttar Pradesh Judiciary afterwards became member of Higher Judicial Services . Apart from I concentrated on Indian Institute of Management Kolkata and Successfully done. Execute Programme in Global Business Management (EPGBM). I am also providing my services to Indian Institute of Management Lucknow as a Guest Faculty on my vacations. Now, I realize at this juncture of my life that there is another horizon so I contemplated my services to this writing platform to aware myself and the people. I desire to be Blessed by People.

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